डॉ. विद्या सागर पाण्डेय ने सोनभद्र के पिछड़े इलाको में आदिवासी जन को कुपोषण के प्रति जागरूक करके हुए उन्हें पोषण पदार्थ का बारे में अधिक जानकारी दी और साथ सहजन का सेवन अधिक करने को कहा
और साथ में ही सहजन का एक – एक पौधधा भी बितरण किया अब तक लगभग 25000 पौधो का रोपण कार्य हो चूका है कई किसान आदिवाशी प्रेरित होकर सहजन का खेती भी करना सुरु कर दिया है जिसे उन्हें सोसाइटी के मध्यान से पौधा उपलध कराया गया।

